Net JRF Hindi : हिन्दी कविता यूनिट 5 | रामधारी सिंह दिनकर की रचना रश्मिरथी
रचना का नाम – रश्मि रथी (खण्ड काव्य)
रश्मि रथी में सात सर्ग हैं। इसका प्रकाशन वर्ष – 1952 है, इसे कवि रामधारी सिंह दिनकर जी ने लिखा है।
विषय – महाभारत के पात्र कर्ण के व्यक्तित्व को दिखाने के साथ साथ वर्णाश्रम व्यवस्था पर व्यंग…
प्रथम सर्ग – कर्ण का शौर्य – प्रदर्शन
द्वितीय सर्ग – आश्रमवास (शिष्य)
तृतीय सर्ग – कृष्ण संदेश
चतुर्थ सर्ग – कर्ण के महादान की कथा (कवच कुंडल मांग लिया)
पंचम सर्ग – माता की विनती (पुत्रो को मत मारो)
षष्टम सर्ग – शक्ति परीक्षण
सप्तम सर्ग – कर्ण के बलिदान की कथा
पेपर – 2 Drishti IAS UGC Hindi Sahitya [NTA/NET/JRF] – 4TH EDITION खरीदने के लिए क्लिक करें
कर्ण के शौर्य की रचना-
सच है, विपत्ति जब आती है,
कायर को ही दहलाती है,
शूरमा नहीं विचलित होते,
क्षण एक नहीं धीरज खोते,
विघ्नों को गले लगाते हैं,
काँटों में राह बनाते हैं।
मित्रता बड़ा अनमोल रतन
कब इसे तौल सकता है धरती का धन…
जब नाश मनुज पर छाता है
पहले विवेक मर जाता है
- Study Material : वास्तविक हिंदी साहित्य का प्रारंभ — भक्तिकाल (1400-1700) विश्वनाथ त्रिपाठी
- Study Material : आदिकाल (1000-1400 ई.) और सामाजिक स्थिति | The Early Period (1000–1400 CE) and Social Conditions
- सारांश व समीक्षा : प्रेमचंद की कहानी भूत | Premchand’s Story ‘Bhoot’
- Study Material : हिन्दी साहित्य का सरल इतिहास – विश्वनाथ त्रिपाठी – परिचय |
- Study Material : गोदान उपन्यास का सारांश | Summary of the Novel Godan